Friday, July 6, 2018

पहले अखिलेश अब योगी महिला सुरक्षित कब होगी?

उत्तर प्रदेश, जहां से सियासत अपनी राजनीतिक दिशा तय करती है। वैसे तो देश  में हर रोज छोटे छोटे चुनाव होते रहते लेकिन 2014 के आम चुनाव में देश के पटल पर सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी भाजपा। देश के 3 राज्य और कश्मीर  को छोड़ दे तो हर राज्य में भाजपा की सरकार है , और जिस प्रदेश  पर पूरी राजनीति खेली जाती है उत्तर प्रदेश में भी भजपा की सरकार है, 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे ज़्यादा विधायक जीता के  इस उम्मीद में विधानसभा में भेजे  की जनता की समस्याएं खत्म हो जाएगी लेकिन वर्तमान में बिल्कुल विपरीत हो रहा है। साथ ही  योगी आदित्यनाथ को अपने सर माथे पर बैठकर अपना मुख्यमंत्री  माना।महिला सुरक्षा को लेकर जिस तरह से योगी सरकार और केंद्र की सरकार  राम मंदिर, गो रक्षा  "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" जैसे नारे के साथ सत्ता में आई थी,  योगी सरकार को 1 साल से ज़्यादा हुआ अभी सत्ता में आए  कई बार देखने में आता है महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार व प्रशासन अपने घुटने टेक देता है। लड़कियां अपराध व कुछ अनहोनी के डर से घुट घुट सांसे लेती है, आये दिन हम देखते और सुनते है कि एक 4 और 3 साल बच्ची के साथ रेप हो गया जिसको सुनकर मानवता पूरी तरह खत्म होती नजर आती है। मानवता का हैवानियत वाला रूप देखने को तब मिलता है जब पता लगता की 8 माह की मासूम बच्ची  के साथ रेप किया गया जिसके बाद बच्ची  की दर्दनाक मौत हो गयी।कानून बन जाता हूं लेकिन कानून वाले उस कानून की धज्जियां उड़ा देते है जब पीड़ित की रिपोर्ट तक नही लिखी जाती और उसको धक्के दे थाने ,कोतवाली से  भगा दिया जाता है। योगी सरकार ने अपने भाषणों में कहा कि हम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है।लेकिन कुछ समय बाद सब हवा हो गया। महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए एन्टी रोमियों स्कवायड चलाया गया।लेकिन खुद योगी के सरकार के विधायक का नाम उन्नाव रेप केस में आया तो महिला सुरक्षा को ले कर हुंकार भरने वाली भाजपा की पोल खुल गयी। और मामले को रफा दफा करने की जुगत लगाई जाने लगी । हाल ही के कुछ आंकडो  को देखकर सरकार से महिला सुरक्षा की कोई उम्मीद करना ऐसे होगा जैसे किसी अंधे से रास्ता पूछना। सरकार को प्रदेश  में केवल एक वर्ष हुआ और हालत सामने है।

योगी सरकार  (2017-2018)

बलात्कार     3704
छेड़खानी      987
उत्पीड़न      13392
दहेज हत्या    2223

तो वहीं पिछले सरकार यानी समाजवादी सरकार में महिला सुरक्षा को लेकर 1090  और यूपी100 जिससे पीड़ित के मामले को घर जा के ही सुलझा सके। मगर इसके लागू होने के बाद भी महिलाओं को लेकर अपराध कम नही हुए। जिसका सबसे बड़ा उदहारण बुलंदशहर में 29 जुलाई को मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप के बाद सरकार कानून-व्यवस्था कठघरे में आ गई थी। विपक्ष लगातार सवाल उठता रहा और इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से इस्तीफे की मांग की जाने लगी थी। मगर आज जो विपक्ष इस्तीफे की बात कर रहा था वही भी इस अपराध को कम करने पूरी तरह असफल है। अगर इन आंकड़ों को देखे तो योगी सरकार महिला सुरक्षा के मामले बहुत पीछे नज़र दिख रही है। ये आंकड़े अखिलेश सरकार के एक वर्ष के है। बाकी आप समझदार हो।

अखिलेश सरकार  (2016-2017 )

बलात्कार     2943
छेड़छानी      495
उत्पीडन       10219
दहेज हत्या    2084

जय हिंद।                                    ( शिवकुमार)

No comments:

Post a Comment

नेपाल में युवाओं का तांडव

  नेपाल में युवाओं का तांडव: बेरोजगारी, भ्रष्टाचार या सुनियोजित साजिश? - एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट प्रस्तावना नेपाल में सितंबर 2025 में भड़की...