2 दिन से ब्लॉग नही लिख पाया इसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ।
पोस्ट थोड़ी बड़ी है लेकिन पढ़ना बहुत जरूरी है। साथ ही अपना कमेंट भी जरूर लिखें।
अभी कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ राज्य की बहुत सी वीडियो देखने को मिल रही थी। मैं उनको बार बार अनदेखा कर रहा था। लेकिन जब प्रतिदिन एक साथ कई कई वीडियो आने लगी तो देखा कि बच्चे,युवा,अधेड़ उम्र के व्यक्ति अलग अलग तरह के नशे कर रहे है।यही नही एक वीडियो में एक नोजवान युवा की नशे के करण मौत हो गई उस युवा के पास बैठी उसकी माँ अपने लाल की मौत पर रोती हुई नशे करने वाले को बोल रही कि नशा मत करना नशे ने मेरे लाल को निगल लिया। ऐसे देख मैंने कुछ सर्च किया और देखा कि स्थिति बहुत भयानक है। हरियाणा में 70 प्रतिशत नशा करने वालो की तादाद निकली जिसमें नशा करने वालो की उम्र 17 से 35 वर्ष के बीच है। दिल दहल जाता है ऐसी स्थिति को देखकर की युवा इस तरह से नशे के इस जाल में फंसा है। हरियाणा के बाद पंजाब के बारे में खोजा तो पाया कि यहां हालात और भी बदतर और आंकड़ों ने आंखे ही खोल दी किस तरह से नशे का कारोबार पंजाब में किस तरह से फल फूल रहा है। पंजाब में 89 प्रतिशत शिक्षित युवा इस भयंकर और ज़िंदगी बर्बाद कर देने वाले नशे में चूर है । पंजाब में नशे का कारोबार माफिया और दबंग टाइप के लोगो द्वारा इतने बड़े पैमाने पर किया जा रहा है कि खुद पुलिस भी कुछ नही कर पा रही है। पंजाब में ड्रग्स पाकिस्तान बार्डर से होते हुए पंजाब बार्डर तक पहुँचता है। यही नही खुद एसटीएफ इन कामों साथ देने में जरा भी नही कतराती है। थोड़ा और सर्च किया तो पता लगा कि बांग्लादेश की सीमा पर अफीम की खेती होती है। जो मध्यप्रदेश से सटे हुए राजस्थान के चितौडगढ़ और प्रतापगढ़ जिले से होते हुए पंजाब बार्डर तक पहुँचती है, क्योंकि राजस्थान के चितौडगढ़ और प्रतापगढ़ जिले में अफीम की सबसे ज़्यादा तस्करी की जाती है। यही नही मौत का ये समान अफगानिस्तान से होते हुए पाकिस्तान ,भारत और चीन तक पहुँचता है। दक्षिण एशिया में भारत को हेरोइन का सबसे बड़ा अड्डा कहा जाता है,क्योंकि भारत में हेरोइन की खपत बहुत ज़्यादा है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब में नशे का हर वर्ष 75,000 का कारोबार होता है
संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार आपराधिक गुट मिलकर इस कारोबार को सब जगह फैला रहे है।
एम्स के एक सर्वे में पंजाब के 10 जिलों को शामिल किया गया। इन जिलों की आबादी 2.77 करोड़ है जिसमे से लगभग 1.23 करोड़ सभी उम्र के लोग नशे को करते है।
वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट अनुसार 33 लाख लोग हर वर्ष खतरनाक नशे करने की वजह से अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेते है।
लगभग 20 करोड़ लोग पूरे विश्व में नशे की चपेट में है।
ये हालात इस समय पंजाब हरियाणा राज्य के है। पंजाब में भिन्न भिन्न तरह के नशे जैसे अफीम,चरस,चुरा-पोस्त, गांजा,स्मेक और हेरोइन जैसे खतरनाक नशे करते है। इसके अलावा जो इन महेंगे नशों को नही खरीद पाता वह सबसे सस्ता नशा "चिस्ता" उसका नशा करता है। अफीम का नशा पंजाब में सबसे ज़्यादा किया जाता है। पंजाब में ये हालात पढ़े लिखे युवाओं के है आखिर युवाओं को देश की रीढ़ कहा जाता है। लेकिन यही युवा वर्तमान में देश की पीड़ बन गए है। रूह कांप जाती है ऐसे नशे करते देख देश के नोजवानों को आखिर केंद्र सरकार देश के युवाओं की नशों में फैलते इस ज़हर को दूर करने के प्रयास क्यों नही कर रही। जिस खून में देश प्रेम का जोश जनून होना चाहिए उस खून को नशा खराब कर रहा है। वर्तमान में देश के अंदर भाजपा पार्टी की हर राज्य में सरकार है जो युवाओं को देश और हिंदुत्व की जान बताती है। अगर ये युवा इसी तरह नशे में चूर हो कर और तड़प तड़प के अपनी जान दे देंगे तो देश को कैसे सुरक्षित रखा जा सकेगा। जिनको देश के लिए जान देनी चाहिए वो कुछ पल के आनंद में आ के अपनी जीवन लीला पहले ही खत्म कर लेते है। सरकार द्वारा गो रक्षा,योग दिवस, महिला शसक्तीकरण और अन्य तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे है । लेकिन युवाओं को इस नशे की लत से निकालने के लिए कोई भी ऐसा कार्यक्रम नही चलाया जा रहा कि जिसको युद्ध स्तर पर चला के युवाओं को जागरूक किया जा सके। मेरी तरफ से एक नारा "युवाओं बचाओ देश बचाओ" क्योंकि युवा ही देश की ताकत है। उनमें अपनी संस्कृति और नशे के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम हर राज्य सरकार जिले स्तर, ब्लॉक स्तर, ग्राम स्तर पर चलाए तो कहीं ना कहीं बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
ये आंकड़े बहुत कुछ कहते है कि क्या हालत है इस समय देख की युवा ताकत की।
इन पंक्तियों के अनुसशरण अगर युवा करें तो बदलाव जरूर आएगा।
पोस्त ,भांग,अफीम शराब नशा उतर जाए प्रभात
नाम खुमारी नानका चढ़ी रहे दिन रात
(युवा बचाओ देश बचाओ)
जय हिंद ( शिवकुमार)