Sunday, July 8, 2018

विपक्षी की ये कैसी राजनीति ?

पूर्व मुख्यमंत्री और सपा पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिस समय अपने सरकारी बंगले की ऐसी स्थिति,कर के खाली करेंगे। की उस बंगले को भूत बंगला बना के छोड़ देंगे। लेकिन इससे उनको कोई फर्क नही पड़ा क्योंकि जो पैसा बंगले में लगता है वो आम जनता का होता है। जो एक आम इंसान टैक्स के रूप में जमा करता लेकिन सफेद पोश लोगो को इस बारे में कम पता होता कि आम इंसान किस तरह और ईमानदारी से टैक्स भरता है। अखिलेश यादव ने जिस दिन बंगला खाली किया उससे कई दिन पहले ही सब कुछ नियोजित किया जा चुका था। लोगों के बीच पहुँचकर अखिलेश ने आरोप भाजपा पर मढ़ दिया।  और कहा कि भाजपा मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र रचा रही है। कोई अखिलेश जी से पूछे आखिर वो क्या कर रहे है। क्या वह राजनीति नही कर रहे। यही नही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के टंकी की टोंटी को जनता को दिखा रहे है। कि हम टोंटी ले के आए है। टोंटी की जितनी कीमत होगी हम उतनी दे देंगे। अखिलेश से  पहले की बात करे तो इसी तरह से राजनाथ सिंह  ने भी सरकारी बंगले को छोड़ने से पहले बंगले को खण्डर में तब्दील कर  दिया था। अब आते है अखिलेश की बुआ यानी बसपा  पार्टी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अभी कुछ दिन पहले ही 7 एवेन्यू सरकारी बंगले को खाली किया। लेकिन मायावती वहां भी दलित कार्ड खेलने से नही चुकी। जिस बंगले में आज तक  मीडिया को अंदर तक जाने की इजाज़त नही थी। मायावती ने बंगला खाली करने से पहले पूरी  मीडिया को बंगले के हर एक रूम से लेकर बाथरूम और किचन तक दिखाया साथ ही उन्होंने कांशीराम और अन्य लोगो के साथ यादगार पल की कुछ तस्वीरों के बारे में मीडिया को बताया। जिस बंगले में खुद बसपा के नेता तक को जाने की इजाज़त नही थी। खुद  मायावती ने सब मिडिया को बंगले की हर चीज दिखाई आखिर जब से सप, बसपा और कांग्रेस ने एक दूसरे को आने वाले आम चुनाव में  के लिए सकारात्मक संकेत दिए। इससे पहले कांग्रेस, बसपा और सपा ने उत्तर प्रदेश के की जिलों में हुए उपचुनाव में जिस तरह से अपनी चिरप्रतिद्वंद्वी पार्टी भाजपा को हराया है। जिसमें फूलपुर,गोरखपुर,नूरपुर,और कैराना के साथ झारखंड, असम,महाराष्ट्र, पंजाब,उत्तराखंड और कर्नाटक आदि राज्यों में कुछ राज्यों को छोड़ कर सभी राज्यों में गठबंधन वाली पार्टी ने जीत दर्ज की है। लेकिन विपक्ष जिस तरह से आम चुनाव की तैयारी में लगा है उससे  भाजपा को रोक पाना नामुनकिन है। क्योंकि भाजपा का आई टी सेल बहुत मजबूत है और अंदर खाने ही देश की जनता को साधने का प्रयास किया जा रहा है।
दूसरी तरफ चुनाव को रातो रात अपने पक्ष में करने वाले भाजपा अध्यक्ष  अमित शाह बार राज्य में पहुँचकर लोगों की नसों की टटोल रहे है। अब देखना यही है की आखिर विपक्ष कितनी मजबूती से अपनी तैयारी करेगा। कितना सफल होगी इसका पता कुछ ही महीने बाद चल जाएगा।

जय हिंद                                (  शिवकुमार)

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