राजनीति में चल रही उठा पटक और 370 को हटाने की जुगत कहा तक कामयाब होगी । इसका किसी को नही पता लेकिन जिस तरह से भाजपा ने 3 साल से पीडीपी के साथ किए हुए गठबंधन को अचानक से तोड़ना 2019 आम चुनाव की एक दस्तक का काम कर दिया है। वर्तमान में भारत की पूरी जनता और राम मंदिर का मुद्दा ले कर चुनाव जीतने वाली भाजपा की आगे की रणनीति क्या होगी, सब इसी सोच में है। जिस तरह से खुद हिन्दू धर्म के महामंडलेश्वर और अन्य साधु संत मंदिर बनाने पर अड़े है उसी तरह भारत का हर नागरिक कश्मीर में चल रहे अपरिणामी ग्रह युद्ध से निपटने की राह देख रहे है। जिस तरह से भाजपा ने पीडीपी पार्टी से गठबंधन तोड़ा है, लगता नही था इस तरह से कुछ होगा भाजपा को अगर गठबंधन तोड़ना था। 3 साल इंतज़ार करने की क्या जरूरत थी। जब उनको पता था कश्मीर में आज़ादी के समय से ही कितना शांति रहती है। अब भाजपा स्वयं इस बात पर मन्त्रणा कर रही है कि आखिर 370 मुद्दा किस तरह से सुलझाया जाए,और मंदिर कैसे बने। क्योंकि जनता से जो कहा गया उसको पूरा तो करना होगा। तभी 2019 में कुछ पकड़ बन सकती है। देखना होगा कि किस तरह से भाजपा अब अपनी अगली रणनिति तैयार करती है। मोदी ,राजनाथ,अमित शाह, तीनो मिलकर क्या कुछ नया भारत की जनता को 2019 में देना चाहते है।
जय हिंद। शिव कुमार
Good. Keep writing regularly
ReplyDeleteThnx sr 💐
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